GN9 कोरोना भाग रहा है –दिखा? -आइये हम दिखाते हैं

आज मैंने एक नया प्रयोग किया .मैंने सोचा कि कोरोना के मामलों का, रोज - रोज का बढ़ना – तेज होना देखकर इसका कोई  निश्चित स्वभाव समझ में नहीं आता . ऐसा भ्रम – सा  होता  है कि  कल कुछ भी हो सकता है, और पहले की जानकारी के आधार पर कुछ भी भविष्यवाणी करना संभव नहीं है .

तब मैंने रोज - रोज के आंकड़ों की बजाय साप्ताहिक आंकड़े एक जगह लिखे . यानि पहले 7 अप्रैल का उसके बाद 14 अप्रैल का... और इसी तरह 15 जुलाई तक लिखा . अब मेरे सामने अद्भुत रुझान सामने आ गए जो पहले नहीं दिख रहे थे .

आप को यह जानकर खशी होगी कि सभी रुझान उत्साहवर्धक हैं .

इन्हें मैं आप के सामने मूल रूप में  रखूंगा . आंकड़े सरकार के हैं पर उनका विश्लेषण जिस रूप में होना चाहिए था वो अबतक किसी ने नहीं किया . इसलिए नकारात्मक निष्कर्षो को ज्यादा प्रचार मिला . मीडिया को भी मालूम है की भय और दहशत पैदा करने वाली खबरें ज्यादा रोमांचित करती हैं इसलिए ज्यादा देखी  जाती  हैं और ज्यादा आमदनी कराती हैं . इसलिए समीक्षकों से मिले सकारात्मक निष्कर्षो को प्रोत्साहित भी नहीं किया जाता . फिर, सरकार में भी  बैठे लोग भी ,दिन रात आंकड़े जुटाने और समय पर भेजने में ही इतने व्यस्त रहते हैं कि उनके पास, आंकड़ों के  अन्दर की अच्छी बाते निकालने का समय ही नहीं होता .

सबसे पहले देखते है केसों की बढ़ती संख्या को . संख्या बढ़ रही है पर इसके बढ़ने की गति लगातार कम हो रही है . पहले ये चार्ट देखें फिर हम निष्कर्ष पर आते हैं

तारीख

कुल मामलों की संख्या

साप्ताहिक वृद्धि (प्रतिशत में)   

4/7/2020

5350

 

7/14/2020

11485

114.67

4/21/2020

20080

74.84

4/28/2020

29572

47.27

5/5/2020

49406

67.07

5/12/2020

70815

43.33

5/19/2020

101142

42.83

5/26/2020

147373

45.71

6/3/2020

216429

46.86

6/10/2020

286798

32.51

6/17/2020

360795

25.80

6/24/2020

472972

31.09

7/1/2020

604133

27.73

7/8/2020

769052

27.30

7/15/2020

970169

26.15

आप देख रहे हैं कि शुरू में एक सप्ताह में मामलों की संख्या 114.67 प्रतिशत बड़ी थी  . ये प्रतिशत लगातार कम होते होते 74 हुआ , फिर  67, हुआ , फिर 32 और अब 26 है.

अगर कोई  चीज लगातार घट रही है तो निश्चित रूप से वो आगे चलकर,शून्य पर पहुचेगी और फिर नेगेटिव में. इसका मतलब कोरोना के मामले पहले बढ़ना बंद होंगे फिर घटना शुरू होंगे .

अब आते है एक्टिव मामलों के बढ़ने के आंकड़ों पर . इन्हें हम इसी चार्ट में जोड़ेंगे ताकि कुछ और निष्कर्ष निकले .

 

तारीख

कुल मामलों की संख्या

साप्ताहिक वृद्धि (प्रतिशत में)   

एक्टिव मामलों की संख्या

साप्ताहिक वृद्धि (प्रतिशत में)   


A

 

A-B-C

 

4/7/2020

5350

 

4717

 

7/14/2020

11485

114.67

9721

106.08

4/21/2020

20080

74.84

15460

59.04

4/28/2020

29572

47.27

21492

39.02

5/5/2020

49406

67.07

33568

56.19

5/12/2020

70815

43.33

45928

36.82

5/19/2020

101142

42.83

58747

27.91

5/26/2020

147373

45.71

81160

38.15

6/3/2020

216429

46.86

106382

31.08

6/10/2020

286798

32.51

137786

29.52

6/17/2020

360795

25.80

157048

13.98

6/24/2020

472972

31.09

186322

18.64

7/1/2020

604133

27.73

226717

21.68

7/8/2020

769052

27.30

271253

19.64

7/15/2020

970169

26.15

331116

22.07

आप ये देख रहे हैं की एक्टिव मामलों के बढ़ने की दर हमेशा ही कुल मामलों के बढ़ने की दर से कम रही है .इसका मतलब भी साफ़ है .जब कुल मामलों की संख्या घटेगी तो एक्टिव मामले और तेजी से घटेंगे .

अब हम आते हैं ,मरने वाले और बचने वाले लोगों के अनुपात पर . यहाँ पर मैं एक नया मानदंड का व्यवहार कर रहा हूँ जिसे मैंने “ फाइनल मामले” का नाम दिया है. इसमें जो मरीज अभी इलाज करा रहे हैं, उनको छोड़कर  जो या तो स्वस्थ हो गए या मर गए, उनको लिया गया है. इससे ये पता चले की अगर 100 लोगों का इलाज हुआ तो आखिरकार उनमे के कितने बचे और कितने मरे .

इन फाइनल मामलों को भी मैंने साप्ताहिक अंतराल पर लिखा तो उसमे भी ख़ुशी  का कारण दिखा . आप भी देखें :

तारीख

कुल मामलों की संख्या

एक्टिव मामलों की संख्या

आज तक स्वस्थ  हो चुके लोगों की संख्या 

आज तक मृत  लोगों की संख्या 

स्वस्थ मामले फाइनल मामलों का कितना प्रतिशत हैं 

 

A

A-B-C

B

C

B/(B+C)X100

4/7/2020

5350

4717

469

161

74.44

7/14/2020

11485

9721

1365

396

77.51

4/21/2020

20080

15460

3975

645

86.04

4/28/2020

29572

21492

7141

939

88.38

5/5/2020

49406

33568

14140

1694

89.30

5/12/2020

70815

45928

22587

2296

90.77

5/19/2020

101142

58747

39233

3156

92.55

5/26/2020

147373

81160

62000

4202

93.65

6/3/2020

216429

106382

103949

6087

94.47

6/10/2020

286798

137786

140891

8106

94.56

6/17/2020

360795

157048

191637

12065

94.08

6/24/2020

472972

186322

271688

14907

94.80

7/1/2020

604133

226717

359523

17827

95.28

7/8/2020

769052

271253

476553

21145

95.75

7/15/2020

970169

331116

613735

24929

96.10

ये रुझान बता रहा है कि हमारी चिकित्सा व्यवस्था मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद लगातार सुधर रही है और अब पहले की अपेक्षा ज्यादा लोग स्वस्थ हो रहे हैं और कम लोग मर रहे हैं.

पहले 100 लोग इलाज  कराते थे तो 74 लोग ज़िंदा बचते थे और 26 लोग मर जाते थे. आज 96 लोग ज़िंदा बच रहे हैं और 4 लोग मर रहे हैं. यह सब , तब हो रहा है जब पहले हमारे डाक्टरों पर 5000 मरीजों की जिम्मेदारी थी और अब 10 लाख की है .डाक्टरों के लिए एक बार मन ही मन प्रणाम जरूर कीजिएगा .

ये जो दिनों - दिन सुधार हो रहा है इसमें किस राज्य में सबसे ज्यादा सुधार हुआ है, इतना ज्यादा कि  एक्टिव  केसों की संख्या घटनी भी शुरू हो गयी है और वो भी लगातार पिछले 15 दिनों से , आइये ये भी जानते हैं :

१.     दिल्ली

भारत की राजधानी ने तमाम राजनीतिक हलचल, जमाती हरकत, चीन , नेपाल , पाकिस्तान  की समस्याएँ ,मजदूरों का पलायन , सबके बीच में इसके लिए समय निकाला,प्रयास किया और घनी आबादी और कोविद – १९ के केसों की भारी संख्या और अस्पतालों में असमंजस  के बावजूद आखिर इस महामारी पर पकड़ बना ही ली .

दिल्ली के एक्टिव केस देखिये कैसे गिर रहे है जैसे चीन ने भारत के सामने सर झुका दिया हो .27 जून को जो संख्या 28 हजार पार कर गयी थी , आज महज 17 हजार के करीब रह गयी है.

२.     तमिलनाडु

विजय पताका  उत्तर में लहरा गयी तो   दक्षिण में भी लहरानेवाली  है . एक्टिव केसों का ग्राफ जो पहले सांप की तरह फेन उठाए दिख रहा था अब मरे हुए सांप की तरह जमीन पर लोटता दिख रहा है. संख्या  बढ़ तो रही है पर अत्यंत धीमी गति से .

1 लाख 66 हजार में से 1 लाख 13 हजार स्वस्थ  होकर घर जा चुके हैं.49 हजार का इलाज चल रहा है. 12 जुलाई की 47 हजार की संख्या को देखें तो  ये वृद्धि दर  काफी कम हो चुकी है और जल्दी ही शून्य हो जाएगी , ऐसी आशा है .

        मणिपुर

एक्टिव कैसो की संख्या 10 जुलाई के 750 से घटकर आज 709 पर आ गयी है. आपको याद  होगा 7 जून से 22 जून तक इस राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी थी . पर वहां की सरकार और जनता ने इसपर तेजी से काम किया और ये न केवल रुकी बल्कि घटने लगी. 

आज तक यहाँ कोरोना से एक भी व्यक्ति नहीं मरा है .

४.लद्दाख

लद्दाख लगातार 3 हफ्तों दे चीन और कोरोना से लड़ रहा है और जीत रहा है, पीछे  धकेल रहा है. 23 जून को जहां 783 एक्टिव केस थे वो 4 जुलाई से 178-172 पर चल रहे हैं .अबतल फाइनल हो चुके 987 लोगों के इलाज में 2   लोग नहीं बच सके  बाकी 985  स्वस्थ  होकर घर जा चुके है.

इसके अलावा दादरा और नगर हवेली में भी अच्छा प्रयास हो रहा है . हालांकि 3 दिनों से  एक्टिव केस  कुछ बढे हैं पर अगले कुछ दिनों बाद सुधार की पूरी संभावना है क्योकि इन लोगो ने अपने अथक प्रयास से एक्टिव केसेस को 245 से 175 तक ला दिया था जो अभी 205 पर है.

अगले हफ्ते हमें कुछ और राज्यों से उम्मीद है जहाँ पहले से बहुत  अच्छे रुझान हैं.इनमे अरुणाचल प्रदेश ,चंडीगढ़, गुजरात और नागालैंड हैं.

कहने की जरुरत नहीं की जहां प्रयास हो रहा है वहाँ परिणाम आ रहे हैं.

 कुछ ही महीनो में वैक्सीन भी आ जाएगी और ये कहानी ही  ख़तम हो जाएगी .

 वैक्सीन के बारे में एक और ब्लॉग पोस्ट( GN8) है उसे जरूर पढ़ें . पूरी जानकारी मिलेगी की कैसे दवा बनाती है कैसे टेस्ट होती है और बाजार  में आती है .

तबतक अपने आप को बचाए रखिये , जैसे अबतक बचाते आए हैं.


 

 

 

 

 


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